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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ से निकल जाती है महिलाओं की चीख, कारण जानकर मिलेगी थोड़ी शांति
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही और तीसरी तिमाही में कà¥à¤› महिलाओं को कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है लेकिन इस दरà¥à¤¦ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही से à¤à¥€ हो सकती है।
अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑबà¥â€à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤¨ à¤à¤‚ड गायनेकोलोजिसà¥â€à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान शरीर में à¤à¤¸à¥‡ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनते हैं जो जोड़ों को रिलैकà¥â€à¤¸ करते हैं, इससे जोड़ों की गतिशीलता बढ़ जाती है और चोट लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है।
लंबे समय तक खड़े रहने, कोई à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने और किसी विशेष पोजीशन में लेटने या बैठने पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ बढ़ सकता है। आइठजानते हैं पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में होने वाले कूलà¥â€à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ के बारे में।
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ का कारण
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर à¤à¤¸à¥‡ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ रिलीज करता है जो संयोजी ऊतकों को रिलैकà¥â€à¤¸ और मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® करने का काम करते हैं। इससे पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच के जोड़ और लिगामेंट ढीले पड़ने शà¥à¤°à¥‚ हो जाते हैं।
इन हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में लचीलापन बढ़ने से पà¥à¤°à¤¸à¤µ के दौरान बचà¥â€à¤šà¥‡ को बाहर निकलने में मदद मिलती है। पोसà¥â€à¤šà¤° में बदलाव और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के à¤à¤¾à¤°à¥€ होने की वजह से आपको कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है।
​कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚ होता है
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में साइटिक नरà¥à¤µ पर दबाव पड़ने के कारण à¤à¥€ कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ होता है। शरीर में दो साइटिक नरà¥à¤µ होतीं हैा जो टांग के पीछे निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में होती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर नसों पर दबाव पड़ता है और आपको कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ à¤à¤µà¤‚ जांघों में à¤à¤¨à¤à¤¨à¤¾à¤¹à¤Ÿ, दरà¥à¤¦ और सà¥à¤¨à¥â€à¤¨à¤¤à¤¾ महसूस हो सकती है।
इस समसà¥â€à¤¯à¤¾ को साइटिका कहते हैं। डिलीवरी डेट पास आते-आते बचà¥â€à¤šà¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर अपनी पोजीशन बदल लेता है। इससे मां को असहज महसूस होने लगता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान साइटिका होना आम बात है लेकिन फिर à¤à¥€ आपको डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° के इस बारे में बताना चाहिà¤à¥¤
​डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को कब दिखाà¤à¤‚
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कूलà¥â€à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना सामानà¥â€à¤¯ बात है और अगर आपको कूलà¥â€à¤¹à¥‡ में दरà¥à¤¦ के कारण चलने-फिरने या रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम करने में कोई दिकà¥â€à¤•त नहीं आ रही है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° के पास दवा लेने जाने की जरूरत नहीं है।
वहीं अगर दरà¥à¤¦ बार-बार या लगातार हो रहा है तो आपको डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से जरूर बात करनी चाहिà¤à¥¤ पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® लेबर में à¤à¥€ कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ बढ़ सकता है और इससे कमर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ हो सकता है। अगर आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ महसूस हो रहा है, तो आपको डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को दिखाना चाहिà¤à¥¤
​पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ का इलाज
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में कूलà¥â€à¤¹à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ बढ़ने पर आप डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह पर दवा ले सकती हैं। इसके अलावा दरà¥à¤¦ वाले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की गरà¥à¤® सिकाई करें।
करवट लेकर सोने पर पैरों के बीच तकिया लगाकर रखें। आप पैदल चलने, योग, सà¥â€à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग और हलà¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ से à¤à¥€ इस दरà¥à¤¦ को कम कर सकती हैं। वैसे à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को पूरे नौ महीने हलà¥â€à¤•े-फà¥à¤²à¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करते रहना चाहिà¤à¥¤
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